राजनीति

1 नवंबर की INDIA गठबंधन की रैली से पहले BJP की अहम बैठक, अमित शाह समेत बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना

नई दिल्ली
इंडिया गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली कर रहा है। इंडिया गठबंधन की रैली के जरिए विपक्षी दल चुनाव आयोग की ओर से कराए जा रहे वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को उठाएंगे। वहीं इस रैली के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने रविवार शाम पार्टी मुख्यालय में एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में विपक्ष की रैली का जवाब देने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। पार्टी के नेता मिलकर तय करेंगे कि विपक्ष के आरोपों और मुद्दों का जवाब किस तरह दिया जाए।

भाजपा कर रही बैठक
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी इस बैठक में शामिल हो सकते हैं। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष करेंगे। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल भी बैठक में मौजूद रहेंगे। इसके अलावा, बीजेपी के कई बड़े नेताओं के भी बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। यह प्रदर्शन चुनाव आयोग की ओर से वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों के विरोध में किया जाएगा। विपक्ष ने इन गड़बड़ियों को लेकर ‘वोट चोरी’ का नारा दिया है। विपक्षी गठबंधन इन आरोपों के आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

विपक्ष का है ये प्लान
विपक्ष की योजना दिल्ली के रामलीला मैदान में इकट्ठा होने के बाद वहां से चुनाव आयोग के कार्यालय तक विरोध मार्च निकालने की है। कांग्रेस के बड़े नेता भी इस रैली की तैयारी में जुटे हैं। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली के क्षेत्रीय नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों का मकसद रैली में 10 लाख लोगों को जुटाना है।

रैली को लेकर CTI ने लिखा खत
दिल्ली पुलिस ने 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक होने वाले कार्यक्रम के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी कर दिया है। इसके साथ ही कार्यक्रम के लिए सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और अन्य जरूरी इंतजामों को भी मंजूरी मिल गई है। हालांकि, मंजूरी मिलने के बावजूद रैली की तारीख और जगह को लेकर व्यापारियों और राजनीतिक विरोधियों ने आपत्ति जताई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली को 10 नवंबर के बाद आयोजित करने की अपील की है।

10,000 करोड़ का कारोबार प्रभावित होने का दावा
व्यापारियों का कहना है कि रैली के दौरान भारी बैरिकेडिंग, कड़ी सुरक्षा और यातायात में बदलाव के कारण दिल्ली के मध्य हिस्से के 20 बड़े बाजारों में कारोबार प्रभावित हो सकता है। उनका अनुमान है कि दिवाली और धनतेरस के दौरान बाजारों में खरीदारी के सबसे व्यस्त समय में 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार प्रभावित होने का खतरा है। हालांकि, कांग्रेस के नेताओं के संकेतों से लगता है कि पार्टी तय कार्यक्रम के अनुसार ही रैली आयोजित करने की तैयारी कर रही है।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 1 नवंबर को रैली आयोजित करने के फैसले की कड़ी आलोचना की है। पार्टी का कहना है कि 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी के दिन राजनीतिक रैली करना सिख समुदाय की भावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता दिखाता है।

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